Gemstone Blue Sapphire Rashi Ratan Neelam

Gemstone Blue Sapphire Rashi Ratan Neelam
आचार्य संदीप कटारिया एक प्रशिक्षित ज्योतिष विशेषज्ञ हैं और 25 सालो से वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, लाल किताब आदि क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, प्रेम संबंध, वैवाहिक, स्वास्थ्य, तलाक, क़ानूनी झगडे आदि विषयों पर अनेक लोगों का अपने ज्योतिषीय ज्ञान और सुझावों से कल्याण कर चुके हैं। अधिक जानकारी के लिए click करे

नीलम शनि गृह का रत्न है इसलिए शनि गृह सम्बंधित सभी विशेषताए इसमें विद्यमान होती है, यह एक बहुत प्रभावशाली रत्न है ! शनि ग्रह के बुरे प्रभाव और पीड़ा शांत करने के लिए नीलम को धारण करने की सलाह दी जाती है।  कहते है की यदि नीलम किसी भी व्यक्ति को रास आ जाए तो उसके वारे न्यारे कर देता है

Gemstone Blue Sapphire Rashi Ratan Neelam

नीलम सभी रत्नों में मात्र एक ऐसा रत्न है जो अपना प्रभाव और कुप्रभाव अत्यंत शीघ्र दिखता है। नीलम धारण करने के लगभग 24 घंटे में ही असर दिखाना शुरू कर देता है। नीलम की इन्हीं शक्तियों के कारण ज्योतिष के जानकार सलाह देते हैं कि इस रत्न को धारण करने से पहले इसकी जांच जरूर कर लें कि, यह आपके लिए अनुकूल है या नहीं।

कौन से लग्न राशि वालो को नीलम धारण करना चाहिए (Persons of what Lagna should wear Blue Sapphire)

  • मकर एवं कुंभ लग्न वालों के लिए नीलम सदा लाभकारी होता है।
  • मेष, वृषभ एवं तुला लग्न वाले अगर नीलम को धारण करते हैं तो उनका भाग्योदय होता है।
  • शनि की साढेसाती में नीलम धारण करना लाभ देता है।
  • शनि की दशा अंतरदशा में भी नीलम धारण करना लाभदायक होता है।

नीलम धारण करने के लाभ (General Benefits of Wearing Blue Sapphire)

  • यह धन-धान्य, सुख-संपत्ति, बुद्धि, बल, यश, आयु और कुल, संतति की वृद्धि करता है।
  • माना जाता है कि नीलम धारण करने से ज्ञान तथा धैर्य की वृद्धि होती है।
  • नीलम जीवन में अनुशासन तथा विनम्रता पैदा करता है।
  • राजनेताओं और राजनीति से जुड़े लोगों के लिए नीलम लाभकारी माना जाता है। कहा जाता है कि वह जनता से ज्यादा अच्छे तरह से जुड़ते है और इससे उनकी नेतृत्व क्षमता भी बढ़ती है।

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स्वास्थ्य संबंधी लाभ (Health Benefits of Blue Sapphire)

  • लंबी बिमारी और बुढ़ापा को जल्दी बुलाने जैसे कमर दर्द, हड्डियों (Arthritis), घुटनो, दांतों और दमा की परेशानी से ग्रस्त रोगियों के लिए नीलम फायदेमंद हो सकता है।
  • कहा जाता है कि नीला पुखराज पहनने से चर्म रोग तथा प्लेग जैसे बिमारियों से निजात मिलती है।
  • शनि से प्रभावित अन्य रोगों और परेशानियों में भी नीलम या नीला पुखराज धारण करने की सलाह देते हैं।

नीलम रत्न धारण करने का विधि विधान

  • यदि आप नीलम धारण करना चाहते है तो 3 से 6 कैरेट के नीलम रत्न को स्वर्ण या पाच धातु की अंगूठी में लगवाये!
  • किसी शुक्ल पक्ष के प्रथम शनि वार को सूर्य उदय के पश्चात अंगूठी की प्राण प्रतिष्ठा करे! इसके लिए अंगूठी को सबसे पहले गंगा जल, दूध, केसर और शहद के घोल में 15 से 20 मिनट तक दाल के रखे, फिर नहाने के पश्चात किसी भी मंदिर में शनि देव के नाम 5 अगरबत्ती जलाये, अब अंगूठी को घोल से निलाल कर गंगा जल से धो ले, अंगूठी को धोने के पश्चात उसे 11 बारी ॐ शं शानिश्चार्ये नम: का जाप करते हुए अगरबत्ती के उपर से घुमाये, तत्पश्चात अंगूठी को शिव के चरणों में रख दे और प्रार्थना करे हे शनि देव में आपका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आपका प्रतिनिधि रत्न धारण कर रहा हूँ किरपा करके मुझे अपना आशीर्वाद प्रदान करे!
  • फिर अंगूठी को शिव जी के चरणों के स्पर्श करे और मध्यमा ऊँगली में धारण करे!

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नीलम रत्न धारण करने के लिए सावधानियां  (Precautions before wearing Blue Sapphire)

गुरु रत्न नीलम धारण करने से पहले अनुभवी ज्योतिष की सलाह अवश्य लें अन्यथा अशुभ होने की स्थिति में यह फायदा देने की बजाय नुक्सान दे सकता है !

अन्य राशि रत्न के बारे में जानकारी

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