Importance Of Lighting The Lamp Before A Function

importance of lighting the lamp before a function
आचार्य संदीप कटारिया एक प्रशिक्षित ज्योतिष विशेषज्ञ हैं और 25 सालो से वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, लाल किताब आदि क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, प्रेम संबंध, वैवाहिक, स्वास्थ्य, तलाक, क़ानूनी झगडे आदि विषयों पर अनेक लोगों का अपने ज्योतिषीय ज्ञान और सुझावों से कल्याण कर चुके हैं। अधिक जानकारी के लिए click करे

भारत में किसी समारोह की शुरुआत में दीपक जलाने की परम्परा है| चाहे वह समारोह धार्मिक, सामाजिक या सांस्कृतिक हो| आप इस परम्परा को सभी जगह देख सकते है| दीपक को ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ के रूप में पहचाना जाता है। जिसका अर्थ होता है हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना है। ऐसा विशवास है की अग्नि की उपस्थिति से सफलता सुनिश्चित होती है| अग्नि मानव शरीर को बनाने वाले पांच तत्वों में से एक है। अग्नि को सूर्य का भी एक रूप माना जाता है। इस कारण से, किसी समारोह में, प्रार्थना और देवी-देवताओं की पूजा के दौरान दीपक जलाने का रिवाज है| इस लेख में समारोह में दीपक जलाने का महत्व और मान्यताए यानी की Importance of Lighting the Lamp before a function के बारे में विस्तार से जानेंगे |

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Importance Of Lighting The Lamp Before A Function

प्रकाश और तेज सत्य, ज्ञान और understanding का एक सुंदर universal प्रतीक है। प्रकाश एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है, जो हमें अंधेरे में ठोकर खाने से बचाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए समारोह की शुरुआत में दीपक को जलाया जाता है।

ऐसा मानना है की प्रकाश हमेशा सकारात्मकता, प्रेरणा और आध्यात्मिकता के साथ जुड़ा होता हैं। जबकि दूसरी तरफ, अंधकार को बुराई से जुड़ा हुआ माना गया है। दीपक हमें जीवन में ईमानदार होना सिखाता है, प्रगति की राह पर ले जाने में मदद करता है और मन के अंधकार को दूर भगाता है। ऐसा माना जाता है की दीपक का नकारात्मकता को नष्ट भी करता है। यह अच्छे स्वास्थ्य, पवित्रता, खुशियाँ और लंबे जीवन को भी सुनिश्चित करता है

इसके अलावा, एक दीपक की लौ ज्ञान का प्रतीक माना गया है, जिसके माध्यम से अज्ञानता के अन्धकार को दूर किया जाता है। दीपक की लौ को ईश्वर को समर्पित किया जाता है | दीपक को जला कर हम ईश्वर से हमारे मन के अंधेरे को दूर करने और ज्ञान का प्रकाश फैलाने की प्रार्थना करते है।

दीपक के प्रकाश से की गयी प्रार्थना का उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है जिसमे कहा गया है की

हे प्रकाश रुप ईश्वर! तुम अकवियों में कवि होकर , मृत्यों में अमृत बनकर निवास करते हो।

हे प्रकाश स्वरूप ! तुमसे हमारा यह जीवन दुख न पायें । हम सदैव सुखी बने रहें ।

 

धार्मिक दृष्टि से पूजा या किसी समारोह में दीपक को जलाना शुभ माना जाता है| दीपक को कितनी संख्या में जलाना है इसका भी बहुत महत्त्व होता है | आमतौर पर दीपक को विषम संख्या में जलाने की परम्परा चली आ रही है | ऐसा विशवास है की विषम संख्या में दीपक जलाना सकारात्मक ऊर्जा लाता है और सम संख्या में दीपका जलाना प्रभावहीन होता है और ऊर्जा को बर्बाद करता है|

दीपक को जलाने के लिए घी और तेल का प्रयोग

भारतीय संस्कृति में गाय के घी और तिल के तेल से ही दीपक को जलाना शुभ माना जाता है। पूजा सामग्री में पंचामृत का बहुत महत्व होता है और घी उन्हीं पंचामृत में से एक माना गया है। इसीलिए घी से दीपक को जलाना सबसे अधिक पवित्र माना गया है।

घी के अलावा तिल के तेल से भी दीपक जलाया जाता है। ये दोनों ही पदार्थों से दीपक को जलाने के बाद वातावरण में सात्विक तरंगे उत्पन्न होती है। लेकिन तेल और घी को कभी भी एक साथ मिला कर दीपक नहीं जलाना चाहिए | दीपक हमेशा घी से जलाए या तिल के तेल से जलाए |

वास्तु शास्त्र के अनुसार दीपक जलाने से वास्तुदोष भी दूर होते हैं। ऐसा माना जाता है की दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का विस्तार होता है।

दीपक की लौ के लिए सही दिशा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपक की लौ जलाते समय लौ की सही दिशा में होना भी बहुत महत्त्व रखता है| क्योकि ऐसा माना जाता है की दीपक की लौ जिस दिशा में होगी उसके अनुसार ही उसका फल मिलेगा |

  1. पूर्व दिशा : यदि दीपक की लौ को पूर्व दिशा की तरफ रखते है तो यह व्यक्ति की आयु में वृद्धि कर सकता है|
  2. उत्तर दिशा: दीपक की लौ उत्तर दिशा में रखने से धन लाभ की संभावना रहती है और यह स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना गया है| इसलिए कोई भी शुभ कार्य के लिए अधिकतर दीपक की लौ को उत्तर दिशा में रखा जाता है |
  3. पश्चिम दिशा : पश्चिम दिशा में दीपक की लौ को रखना सही नहीं माना गया है| ऐसी मान्यता है पश्चिम दिशा में दीपक की लौ करने से दुखो में बढ़ोतरी होती है और बने हुए काम भी बिगड़ने लगते है |
  4. दक्षिण दिशा : दक्षिण दिशा में भी दीपक की लौ को रखना अच्छा नहीं माना गया है | दक्षिण दिशा में दीपक की लौ को रखने से हानि की संभावना रहती है और यह हानि धन की हो सकती है या फिर प्राण की भी हानि हो सकती है |

Video: Importance of Lighting the Lamp at Public Ceremonies समारोह में दीपक जलाने का महत्व और मान्यताए

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